महिलाओं में कैंसर के लक्षण | Cancer Symptoms In Women In Hindi

कैंसर, एक ख़तरनाक बीमारी है। भारत में हर साल लगातार कैंसर से मृत्यु के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। यदि महिलाओं में होनेवाले कैंसर की बात करें तो विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओवेरियन कैंसर, वेजाइनल कैंसर, लंग कैंसर, रेक्टल कैंसर और स्किन कैंसर बहुत ही आम हैं। प्रारंभिक अवस्था में यदि कैंसर के लक्षणों का पता चल जाए तो कैंसर का सफ़ल उपचार और जीवित रहने की दर में सुधार बहुत हद तक संभव हो सकता है। इसके लिए भारत में, महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना अति आवश्यक है, क्योंकि इससे कैंसर के शुरूआती लक्षणों की पहचान आसानी से की जा सकती है। शरीर में लक्षणों और बदलाव को महसूस करने पर, महिलाओं के लिए आवश्यक है कि वह अतिशीघ्र चिकित्सक से सम्पर्क करें।  

इस लेख के माध्यम से हमारा उद्देश्य केवल भारत में महिलाओं को कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूक करना है, जिससे उन्हें शुरूआती लक्षणों की नियमित जाँच करने और पहचानने में सहायता मिल सके।  

महिलाओं में कैंसर के लक्षण (महिलाओं में कैंसर के लक्षण क्या है)

महिलाओं में कैंसर के लक्षण

1) स्तन कैंसर(ब्रेस्ट कैंसर): स्तन कैंसर, भारत की महिलाओं में पाया जानेवाला सबसे आम कैंसर है। स्तन कैंसर, स्तन में कोशिकाओं के असामान्य रूप से फैलने के कारण होता है। यह कोशिकाएँ असामान्य रूप से फैलने के बाद ट्यूमर का निर्माण करती हैं। इस कैंसर में, स्तनों में कुछ बदलाव महसूस करना, महिलाओं में कैंसर के लक्षण में शामिल हो सकता है। यदि बीमारी की पहचान शुरूआती दिनों में हो जाए तो बेहतर उपचार बहुत हद तक संभव है। ब्रेस्ट कैंसर में, यदि महिलाओं में कैंसर के लक्षण पर चर्चा की जाए तो लक्षण इस प्रकार हैं:

१) स्तन(ब्रेस्ट) या अंडरआर्म में गाँठ होना, स्तन कैंसर में, महिलाओं में कैंसर के लक्षण में शामिल है। 

२) स्तन के आकार में बदलाव या स्तन में सूजन आना 

३) स्तन की त्वचा में बदलाव या त्वचा का झड़ना 

४) निप्पल में बदलाव 

५) स्तन या निप्पल की त्वचा पर लाली 

६) निप्पल से रक्त या द्रव निकलना

नियमित स्व-परीक्षण और मैमोग्राम टेस्ट के द्वारा महिलाओं में कैंसर के लक्षण का शुरुआती अवस्था में आसानी से पता लगाया जा सकता है। यदि उपरोक्त लक्षणों में से आप किसी भी लक्षण को अपने शरीर में महसूस करते हैं तो चिकित्सक से संपर्क अवश्य करें। 

२) सर्वाइकल कैंसर(गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर): भारत में दूसरे स्थान पर सबसे अधिक महिलाओं में पाया जानेवाला सर्वाइकल कैंसर है। सर्वाइकल कैंसर, असुरक्षित यौन संबंध बनाने से, ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के द्वारा फैलता है। सर्वाइकल कैंसर में, यदि महिलाओं में कैंसर के लक्षण पर बात करें तो लक्षण निम्न हैं:

१) असामान्य रूप से योनि से खून आना, जैसे पीरियड्स के दौरान, संभोग के बाद या रजोनिवृत्ति के बाद 

२) दुर्गंध के साथ योनि से स्राव 

३) संभोग के दौरान दर्द का अनुभव 

४) पेल्विक (पेट के निचले हिस्से में) दर्द

नियमित रूप से पैप स्मीयर परीक्षण और एचपीवी टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर को फैलने से बहुद हद तक रोका जा सकता है। यदि उपरोक्त लक्षण में से आप किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं तो तुरंत ही डॉक्टर से जाँच करवाएँ। 

३) ओवेरियन कैंसर(डिंबग्रंथि कैंसर): ओवेरियन कैंसर को, डिंबग्रंथि का कैंसर, यूट्रस कैंसर या अंडाशय का कैंसर भी कहा जाता है। यदि ओवेरियन कैंसर में, महिलाओं में कैंसर के लक्षण की बात की जाए तो शुरुआती चरणों में इसके लक्षणों की पहचान करना आसान नहीं है। बाद के चरणों में यदि लक्षण प्रकट होते भी हैं तो उन लक्षणों के आधार पर भी यह बीमारी पकड़ में नहीं आती। यहाँ फिर भी कुछ संभावित लक्षणों को समझाने का प्रयास किया गया है:

१) पेट का फूलना या पेट में सूजन महसूस करना 

२) पेट भरा हुआ या खाने में दिक्कत महसूस होना 

३) अचानक से वजन घटना 

४) बार-बार पेशाब का आना 

५) कब्ज का रहना 

६) पेल्विक या पेट में दर्द रहना

यदि इन में से किसी भी लक्षण का आप दो सप्ताह से अधिक समय तक अनुभव करते हैं तो यह चिंता का विषय है। 

४) लंग कैंसर (फेफड़ों का कैंसर): लंग कैंसर या फेफड़ों का कैंसर, एक ऐसा कैंसर जो फेफड़ों में विकसित होता है। तम्बाकू का सेवन, धूम्रपान और वायु प्रदूषण जैसे जोखिम कारकों के कारण भारत में यह कैंसर महिलाओं में बहुत अधिक फैल रहा है और विशेष रूप से शहरी क्षेत्र की महिलाओं में अत्यधिक। लंग कैंसर की चपेट में आई महिलाओं में कैंसर के लक्षण की पहचान शुरूआती अवस्था में की जा सके, इसके लिए यहाँ कुछ लक्षणों को ध्यान में रखना आवश्यक है:

१) लंबे समय से खाँसी रहना और ठीक ना होना 

२) खाँसी में खून आना 

३) सीने में दर्द रहना 

४) साँस लेने में दिक्कत महसूस करना 

५) शरीर में हमेशा थकान और कमज़ोरी महसूस करना  

६) अचानक से वजन कम होना 

७) गले में आवाज़ का बैठना

यदि इनमें से कोई लक्षण आप भी अनुभव करते हैं, विशेष रूप यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें। 

निष्कर्ष

कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूकता और प्रारंभिक पहचान से ही जीवन बचाना संभव है। भारत की महिलाओं के लिए यह आवश्यक है कि, वह स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव महसूस करने पर डॉक्टर से संपर्क करें। नियमित स्क्रीनिंग टेस्ट्स करवाने और जीवनशैली में कुछ सकारात्मक बदलाव करने से कैंसर से बचने में और सर्वाइवल रेट में सुधार संभव है।

संक्षेप में

यदि आपके मन अब भी यह सवाल है कि महिलाओं में कैंसर का लक्षण क्या है, तो इसे संक्षेप में यहाँ समझाने का प्रयास किया गया है:

यदि संक्षेप में इसे समझने का प्रयास करें कि, महिलाओं में कैंसर के लक्षण क्या है, योनि से असामान्य रूप से खून का बहना, पेल्विक या पेट में दर्द रहना, स्तनों के आकार में बदलाव महसूस करना, पेट का भरा हुआ या फूला हुआ महसूस होना, अचानक से वजन कम होना इत्यादि शामिल हैं। यदि इनमें से किसी भी लक्षण को आप लंबे समय से शरीर में महसूस कर रहे हैं तो चिकित्सक से संपर्क अवश्य करें। 

कैंसर का इलाज अक्सर महंगा हो सकता है। ऐसे मामलों में, इम्पैक्ट गुरु जैसी वेबसाइट पर क्राउडफंडिंग कैंसर के इलाज के लिए धन जुटाने का एक शानदार तरीका हो सकता है।

महिलाओं में कैंसर के लक्षण, Impact Guru
Written By Nitin Pillai

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